Atsiliepimai
Aprašymas
""मायाजाल में भ्रमित जीव सांसारिकता में ही जीवन गंवा देता है। जबकि जीवन का सही अर्थ है स्वयं को पहचानना व यहां आने के ध्येय का बोध कर पाना। स्वयं को पहचाना मतलब, ब्रह्मांड से जुड़ना, उसकी शक्तियों को समझना,उनसे समन्वय बनाना और अपनी चेतना व अनंत के बीच सेतु बनकर अपना उच्च उद्देश्य समझना है। यह भी कि हम स्वयं को शुद्ध करते हुए दुनिया में योगदान देने के लिए भेजे गए हैं। ऐसी ही माया-दौड़ से पृथक, स्वत्व-बोध के कुछ अनुभव हैं इस संकलन में। आशा है; इनसे सीखकर पाठकगण जीवन के सत्य-ध्येय की ओर प्रयाण कर पायेंगे।""
""मायाजाल में भ्रमित जीव सांसारिकता में ही जीवन गंवा देता है। जबकि जीवन का सही अर्थ है स्वयं को पहचानना व यहां आने के ध्येय का बोध कर पाना। स्वयं को पहचाना मतलब, ब्रह्मांड से जुड़ना, उसकी शक्तियों को समझना,उनसे समन्वय बनाना और अपनी चेतना व अनंत के बीच सेतु बनकर अपना उच्च उद्देश्य समझना है। यह भी कि हम स्वयं को शुद्ध करते हुए दुनिया में योगदान देने के लिए भेजे गए हैं। ऐसी ही माया-दौड़ से पृथक, स्वत्व-बोध के कुछ अनुभव हैं इस संकलन में। आशा है; इनसे सीखकर पाठकगण जीवन के सत्य-ध्येय की ओर प्रयाण कर पायेंगे।""
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